तेरी गुड़िया, तेरी बेटी हुई हूँ। -बम्भू

तथाकथिक तेरी जाती, धर्म, समाज तेरी,ये उंच-नीच, तीन-पाँच तेरी,मैं मरी नहीं, मारी गयी हूँ, बात सुनो,महज़ वो चार नहीं, कातिल समाज बात सुनो,गाँव के प्रधान, और थाने के कोतवाल सुनो,दयाल-दीन-गुरु-धर्म-के-समाज…

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तेरी गुड़िया, तेरी बेटी हुई हूँ।  -बम्भू
तेरी गुड़िया, तेरी बेटी हुई हूँ

Tu Kahti Hai Main Bewafa Hoon

तू कहती है मैं बे-बफा हूँ तू कहती है मैं बे-बफा हूँ,कभी अपनी भी बताया कर,मेरे हालात तो पता हैंकभी अपने भी सुनाया कर,बस कर अब हम हो चुके बदनाम बहुत,मुझे बदनाम…

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Hindi Shayari/हिंदी शायरी

कौन जाने कल क्या होगा कौन जाने कल क्या होगा,वो जलेगा या तू दफ़न होगा,मगर यकीं से कहता हूँ,शहर को आग लगाने वालो,बराते मौत में तेरे साथ सोने वाला,"तेरा आका"…

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Hindi Shayari/हिंदी शायरी
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