67 वर्ष के उम्र छोड़ गए ऋषि कपूर, पिछले दो साल से कैंसर से लड़ रहे थे।

 ऋषि कपूर का ल्यूकेमिया से दो साल लड़ते हुए आज सुबह 8:45 बजे अस्पताल में उनका निधन हो गया। अस्पताल के डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों ने कहा कि वह अंतिम समय तक उनका मनोरंजन कर रहे थे: ऋषि कपूर के परिजनों के तरफ से संदेश

अभिनेता ऋषि कपूर का निधन
अभिनेता ऋषि कपूर, Image Twitter

अभिनेता श्री ऋषि कपूर के बारे में

ऋषि कपूर साहब के बारे में जो भी बात कहा जाए कम है। ऋषि कपूर एक जिंदादिल, खुशमिजाज और हसमुख व्यक्ति थे। लजीज खाना के सदा शौकीन और हमेशा मनोरंज के साथ जिए और अंततः वह चाहते थे, की आंसू नहीं, मुस्कुराहट के साथ उन्हें याद किए जाएं। अपर गुणो के धनी ऋषि कपूर लाखो दिलो पर राज करतें है। 

आज जब ऋषि हमें छोड़ के जा चुके हैं, लाखो दिलो और सिनेमा के इतिहास में अमर हो गए है। जब भी बॉलीवुड की बात होती ही तो कपूर परिवार की बात होगी और तब तब ऋषि जी की भी बात होगी। 

उपराष्ट्रपति ने किया ट्विट्ट

हिंदी सिनेमा के प्रख्यात कलाकार और वरिष्ठ अभिनेता श्री ऋषि कपूर के असामयिक निधन के दुखद समाचार से स्तब्ध हूं। उन्होंने अपनी बहुमुखी अभिनय प्रतिभा से भारतीय दर्शकों को दशकों तक मंत्रमुग्ध रखा और उन चरित्रों को हमारी स्मृति में अमर कर दिया।

देहांत का कारण

ऋषि कपूर बोलीवूड के सबसे अनुभवी अभिनेता में से एक थे वह लम्बे दौर से कैंसर पीड़ित मरीज थे। उनका निधन H N Reliance हॉस्पिटल दिनांक 30 अप्रैल 2020 को हुआ। ऋषि कपूर का निधन बॉलीवुड जगत में एक सप्ताह में दूसरा चौका देने वाला समाचार है। या यूं कहें की पिछले दो दिनो में दो बड़ी दुखद खबर हमारे सामने आई। 

हम आप को बताते चले की इससे पहले 29 अप्रैल 2020 को यानि कल इरफ़ान खान साहब का निधन हो गया, देश दुनिया भूली भी नहीं थी ।
ऋषि कपूर ब्लड कैंसर के मरीज थे. वह इस बीमारी से 2 साल से जंग लड़ रहे थे। उनके सीने में संक्रमण फैलने के कारन साँस लेने में परेशानी हो रही थी। इसके साथ बहुत तेज बुखार था । 

इस दुखद समय में पत्नी नीतू और बेटे रणबीर और रिदीमा, भाई रणधीर कपूर और परिवार के अन्य सदस्यो  ईश्वर शक्ति प्रदान करें ।

परिवार और फ़िल्मी दुनिया

ऋषि कपूर का घर का नाम चिंटू था। उनका जन्म 4 सितंबर 1952 को मुंबई के चेम्बूर में हुआ, वर्तमान में R.K स्टूडियो स्थापित रहा। इनका पढाई कैंपियन स्कूल मुंबई और अजमेर के मेयो कॉलेज में भाइयो के साथ हुई। उनके पिता राज कपूर और दादा पृथ्वीराज कपूर थे। बड़े भाई रणधीर कपूर और राजीव कपूर उनके छोटे भाई हैं, पत्नी नीतू और दो बच्चे पुत्र रणबीर और पुत्री रिदीमा है। वह हमेशा ही अपने दोस्तों के अजीज रहे।

ऋषि कपूर ने फ़िल्मी दुनिया में सबसे पहले 1970 में फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ से डेब्यू किया था। बाद में बतौर लीड एक्टर फिल्म ‘बॉबी’ 1973 में परदे पर आये। वे फिल्मों में रोमांटिक हीरो का किरदार अधिक निभाए, वे उस समय के चॉकलेटी हीरो में से एक थे। उन्होंने फिल्म ‘अग्निपथ’ में नेगेटिव रोल भी किया, इसके लिए आईफा बेस्ट नेगेटिव रोल के अवार्ड दिया गया। उन्होंने फिल्मों में अभिनय के बाद निर्देशन का काम भी किया है।

ऋषि कपूर अपने अनूठे और लोकप्रिए अभिनय और व्यक्तित्व के लिए हुमेशा याद किए जाएगे। परमपिता परमेश्वर उनकी आत्मा को शांति दे ॥

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