जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा (संशोधन) विधेयक

22 सितंबर 2020 को भारत के गृहमंत्री श्री अमित शाह ने अपने ट्विटर हैंडल से यह जानकारी साझा किया। उन्होंने बताया की जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा (संशोधन) विधेयक लोकसभा में पारित हो गया है। अपने ट्वीट में श्री शाह ने कहा, यह विधेयक जम्मू कश्मीर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक बिल है जिसका जम्मू कश्मीर के लोगों को काफी दिनों से प्रतीक्षा थी और आज वह प्रतीक्षा खत्म हुआ है और सपना सच हुआ है। 

श्री शाह अपने ट्वीट में यह जानकारी भी दिये कि कश्मीर, डोगरी, उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी अब जम्मू कश्मीर की आधिकारिक भाषाएं होंगी। इस विषय पर श्री शाह ने 3 ट्वीट किए और अपने दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि इस अभूतपूर्व विधेयक के माध्यम से गुजरी, पहाड़ी और पंजाबी जैसी प्रमुख क्षेत्रीय भाषा के विकास के लिए विशेष प्रयास किया जाना भी प्रस्तावित है। 

इसके आगे अपने ट्वीट में लिखते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा कि इस बिल से जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति तथा भाषा अकादमी जैसे अन्य वर्तमान संस्थागत ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने अपने अगले ट्वीट में कुछ और बातें साझा की उन्होंने लिखा कि यह बिल जम्मू-कश्मीर की संस्कृति को पुनर्स्थापित करने के लिए नरेंद्र मोदी जी की कटिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार भी व्यक्त किया।
साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं जम्मू कश्मीर के बहनों और भाइयों को विश्वास दिलाता हूं कि मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर के गौरव को वापस लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

देखते हैं, क्या लिखा है ट्विट में -

जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा (संशोधन) विधेयक का लोक सभा में पारित होना जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। इस ऐतिहासिक बिल से J&K के लोगों का लंबे समय से प्रतीक्षित सपना सच हो गया है! कश्मीरी, डोगरी, उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी अब J&K की आधिकारिक भाषाएँ होगी।

इस अभूतपूर्व विधेयक के माध्यम से ‘गोजरी’, ‘पहाड़ी’ और ‘पंजाबी’ जैसी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं के विकास के लिए विशेष प्रयास किया जाना भी प्रस्तावित है। साथ ही इस बिल से जम्मू कश्मीर कला, संस्कृति तथा भाषा अकैडमी जैसे अन्य वर्तमान संस्थागत ढाँचे को सुदृढ़ किया जाएगा।

यह बिल जम्मू-कश्मीर की संस्कृति को पुनर्स्थापित करने के लिए

जी की कटिबद्धता को दर्शता है, इसके लिए उनका आभार व्यक्त करता हूँ। साथ ही मैं जम्मू-कश्मीर के बहनों और भाइयों को विश्वास दिलाता हूँ कि मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर के गौरव को वापस लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

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