कोरोना से जंग: लॉकडाउन में दिखा सरस्वती गार्डन के “सेवा भारती” की इंसानियत

Twitter के हवाले से :

देखो हमारी बातों का बुरा मत मानना क्योंकि हम किसी से दरमाहा नहीं लेते हैं।

टिप्पणी : मैं जब भी ऐसे चीज़ें देखता हूँ तो मुझे लगता है अभी भी इंसानियत जिंदा है। कुछ लोग अभी भी है जो इंसानियत को जिंदा रखे हुए है। वरना हमारे समाज में कुछ ऐसे तत्व भी है जो अपने फ़ायदे के लिए कभी जाति, कभी धर्म, तो कभी अमीरी-गरीबी में लोगो को बाँट देते है।

Parmila Dixit ने कहा कि सिर्फ @RSSorg और सिख समाज ही नि:स्वार्थ भाव से सेवा करते है। नि:संदेह सिख समाज या RSS ऐसे कामों में हमेशा आगे आते रहे है पर इसका मतलब यह बिलकुल भी नहीं है की सिर्फ यही दो समूह नि:स्वार्थ भाव से लोगो की मदद करते है।  ऐसे बहुत से धर्म समाज और संस्था है जो ऐसे त्रासदी या महामारी में हमेशा आगे आते है।

मुझे लगता है की हमें आगे आना भी चाहिए और जो लोग आगे आ रहें है उनका अभिनंदन भी करना चाहिए, क्योंकि ये समाज हमारा भी तो है। अगर हमारा समाज खतरे में है तो हम भी बच नहीं सकते है।

खैर मेरी राय या बातों से आप आहात ना होईये तो अच्छा है . देखिये परमिला दीक्षित की ट्विट-

क्या लिखा है ट्विट में -

किसी  भी  हादसे  दुर्घटना  या  त्रासदी के  वक़्त  @RSSorg और  सिख  समाज  को ही  हमेशा  देखा  है नि : स्वार्थ   भाव से  सेवा  करते  हुए ।  सरस्वती  गार्डेन  से  सेवा  भारती  के  ऐसे  ही  एक  रैशन  किट  पैकिंग  यूनिट  का   वीडियो  है  ये  ।  हर  रोज़  ऐसे  ही  एक  हज़ार  पैकेट  बनते  हैं ।  सेवा  भारती  की  इस  सेवा   को   प्रणाम 

Pramila Dixit

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